logo

बाइबल के संबंध में मिथ्या

मुसलमान पूर्व पीठिका वाले कई लोगों ने बाइबल के बारें में असत्य कहे हैं।

एक उदाहरण दावा करता हैं कि, नया उपदेश पुराने उपदेश का ही नया संस्करण हैं, मतलब पुराना उपदेश नये उपदेश में फिर से लिखा हुआ हैं। सत्य यह हैं कि, पुराना उपदेश कभी भी पुनर्लिखित नहीं हुआ हैं या नये उपदेश से बदला गया हैं। उसे पुराना उपदेश इसलिए कहा जाता हैं क्योंकि, उसमें आदम और ईव्ह से लेकर ख्रीस्त पूर्व समय के बाइबल सें संबंधित सभी हस्तलिखित (मोझेस और प्रेषित) हैं। नये उपदेश में मानव रूप में जन्मे येशू, उसका जीवन, उसकी मृत्यु और पुनरूत्थान और उसके शिष्य और धर्म प्रचारकों द्वारा उसके पश्चात किए गये मिशिनरी कार्य, आदी के बारे में लिखा गया हैं। नया उपदेश पुराने उपदेश की पूर्ती हैं, बदलाव नहीं। पुराने उपदेश में भगवान ने अपने प्रेषितों द्वारा वचन दिया कि वह संसार के लिए एक रक्षक देंगे। नया उपदेश इसी रक्षक और इसी भविष्यकथनों की पूर्ती हैं। जिन्हें बाइबल की जानकारी हैं, यह सब स्वाभाविक हैं। लेकिन अन्य जो विभिन्न पूरिव पीठिका से हैं, और जिन्होंने कभी भी बाइबल पढा नहीं हैं, वे सभ ऐसी गलत वक्तव्यों को सहजता से शिकार बनेंगे।

आज पुराने और नये, दोनों उपदेशों को वैज्ञाविक तरीके से जांचा गया हैं और इस बात को प्रमाणित किया गया हैं कि वे मूल रूप में ही हैं और उनमें बाद में किसी भी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया हैं। विभिन्न भाषाओं के आज के अनुवाद में छोटे मोटे भेद हो सकते हैं, लेकिन यह भेद महत्वहीन हैं और येशू के उपदेश में कोई बदलाव नहीं करते। जिसे येशू ने भगवान के शब्द कहा, और उनके निकटतम शिष्यों/ धर्म प्रचारकों के अनुसार जो प्राचीनतम हस्तलिखित हैं केवल वे ही बाइबल में समाविष्ट हैं। अन्य किसी भी लेखन को बाइबल का भाग नहीं बनाया गया हैं।

bilde

असत्य कथन का एक और उदाहरण यह हैं कि, येशू ने बाइबल से संबंधित लेखन में यह वचन दिया हैं कि वह एक प्रेषित भेजेंगे जो उनके पश्चात आएगा। येशू ने कहा कि, वह ही उन सभी भविष्यकथनों की पूर्ती हैं क्योंकि उन्होंने येशू का ही उल्लेख किया था। वह ही उन सभी भविष्यकथनों की पूर्ती हैं (ल्युक 24,44, जॉन 12,41, जॉन 5,46-47, जॉन20,31)। लेकिन येशू ने यह वचन दिया था कि जब वह इस संसार को त्याग कर वापस अपने पिता के पास जाएंगे, तब वह पवित्र आत्मा/सत्य की आत्मा को भेजेंगे जो उनका प्रमाण होगा और जो उनमें विश्वास रखते हैं उनमें बसेंगे।

“परन्तु जब वह सहायक आएगा, जिसे मैं तुम्हारे पास पिता की ओर से भेजूंगा, अर्थात सत्य का आत्मा जो पिता की ओर से निकलता है, तो वह मेरी गवाही देगा। और तुम भी गवाह हो क्योंकि तुम आरम्भ से मेरे साथ रहे हो॥" (यूहनना 15, 26-27)

"क्या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह पवित्रात्मा का मन्दिर है; जो तुम में बसा हुआ है और तुम्हें परमेश्वर की ओर से मिला है, और तुम अपने नहीं हो?" (1. कुरिन्थियों 6, 19)

किसी ने यह उकसाने का भी प्रयास किया हैं कि लकडी के क्रॉस के कारण ख्रिस्ती लकडी के पूजक हैं। सत्य यह हैं कि क्रॉस की पूजा ही नहीं की जाती, लेकिन क्रॉस तो हमारे पापों के लिए येशू के बलिदान द्वारा भगवान के हमारे प्रति प्रेम का प्रतिक हैं। वह सचमुच ही में हमारी कृतज्ञता, गौरव और पूजा का अधिकारी हैं।


[येशू –केवल एक प्रेषित?]